ये बंधन तो श्याम प्रेम बंधन है - Ye Bandhan To Shyam Prem Bandhan- Shyam Bhajan Lyrics
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| Ye Bandhan To Shyam Prem Bandhan- Shyam Bhajan Lyrics |
रिश्ते नाते टूट गए सब
रूठ गया ये जहान है
लेकिन जो ना रूठा मुझसे
वो तो मेरा श्याम है
बंद कर लू इन अंखियों में
कहीं जाने ना उसे दूंगा
जब दिल चाहे ये मेरा
मैं श्याम से मिला करूंगा
ये बंधन तो
श्याम प्रेम बंधन हैं
जन्मों का संगम हैं
ये बंधन तो
श्याम प्रेम बंधन हैं
जन्मों का संगम हैं
तुम ही मेरी श्रद्धा हो
तेरी पूजा ही धरम है
तेरी बताई राह पे चलना
मेरा तो करम है
जब जब दुनिया में आऊ
तेरी ही छाया पाऊ
तेरे चरणों में अपना
जीवन अर्पित कर जाऊं
ये बंधन तो
श्याम प्रेम बंधन हैं
जन्मों का संगम हैं
किन गलियों में ढूंढू तुझको
किस मोड़ पे तू मिलता है
किस पर्वत पे तू रहेता है
किन नदियों संग तू बहेता है
तेरा पता तो मुझको बता दे
जरा दर्श तो अपना दिखा दे
कुछ कहना हो अगर तुझको
तो पलके तो झपका दे
ये बंधन तो
श्याम प्रेम बंधन हैं
जन्मों का संगम हैं
मेरे मन के मंदिर की है तू सबसे प्यारी मूरत
चैन मुझे आता है
जब देखूं तेरी सूरत
मेरा श्याम है भोला भाला
वो मन का नहीं है काला
अंधियारे इस जीवन में
तूने प्रकाश है डाला
ये बंधन तो
श्याम प्रेम बंधन हैं
जन्मों का संगम हैं
बारिश की बूंदे जग देखे
यहां आंसू कौनो नाही
बहता पानी सब है पिए
जहां ठहरा कौनो नाही
खाली मै हाथ हु आया
कर्मों की गठरी लाया
इसके बिना जीवन में
कुछ और ना है कमाया
ये बंधन तो
श्याम प्रेम बंधन हैं
जन्मों का संगम हैं
बंद कर लू इन अंखियों में
कहीं जाने ना उसे दूंगा
जब दिल चाहे ये मेरा
मैं श्याम से मिला करूंगा
ये बंधन तो
श्याम प्रेम बंधन हैं
जन्मों का संगम हैं

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