ऐसा देश है मेरा - Aisa Desh Hai Mera Lyrics - Desh Bhakti Geet - Bhajan Lyrics
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| Aisa Desh Hai Mera Lyrics |
ऐसा देश है मेरा लिरिक्स
अंबर हेठाँ धरती वसदी, एथे हर रुत हँसदी
किन्ना सोणा देश है मेरा.
धरती सुनहरी अंबर नीला,
हर मौसम रंगीला,
ऐसा देश है मेरा,
बोले पपीहा कोयल गाये,
सावन घिर घिर आये
ऐसा देश है मेरा,
गेंहू के खेतों में कंघी जो करे हवाएं,
रंग बिरंगी कितनी चुनरियाँ उड़-उड़ जाएं,
पनघट पर पनहारन जब गगरी भरने आये,
मधुर-मधुर तानों में कहीं बंसी कोई बजाए, लो सुन लो,
क़दम-क़दम पे है मिल जानी कोई प्रेम कहानी,
ऐसा देश है मेरा…
बाप के कंधे चढ़ के जहाँ बच्चे देखे मेले,
मेलों में नट के तमाशे, कुल्फ़ी के चाट के ठेले,
कहीं मिलती मीठी गोली, कहीं चूरन की है पुड़िया,
भोले-भोले बच्चे हैं, जैसे गुड्डे और गुड़िया,
और इनको रोज़ सुनाये दादी नानी इक परियों की कहानी,
ऐसा देश है मेरा…
मेरे देश में मेहमानों को भगवान कहा जाता है,
वो यहीं का हो जाता है, जो कहीं से भी आता है,
तेरे देश को मैंने देखा तेरे देश को मैंने जाना,
जाने क्यूँ ये लगता है मुझको जाना पहचाना,
यहाँ भी वही शाम है वही सवेरा,
ऐसा ही देश है मेरा जैसा देश है तेरा…

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