पकड़ लो बाँह रघुराई भजन लिरिक्स - Pakad Lo Baah Raghurai - Shree Ram Bhajan Lyrics
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| Pakad Lo Baah Raghurai |
पकड़ लो बाँह रघुराई भजन लिरिक्स
पकड़ लो बाँह रघुराई, नहीं तो डूब जाएंगे।
पकड़ लो बाँह रघुराई, नहीं तो डूब जाएंगे।।
डगर ये अगम अनजानी।
पथिक मैं मूर्ख अज्ञानी।।
डगर ये अगम अनजानी।
पथिक मैं मूर्ख अज्ञानी।।
संभालोगे नहीं राघव।
संभालोगे नहीं राघव, तो कांटे चूभ जाएंगे।।
पकड़ लो बाँह रघुराई नहीं तो डूब जाएंगे।
पकड़ लो बाँह रघुराई नहीं तो डूब जाएंगे।।
नहीं वह हित विरानो का।
नहीं तैराक मैं पक्का।।
नहीं वह हित विरानो का।
नहीं तैराक मैं पक्का।।
कृपा का सेतु बंधन हो।
कृपा का सेतु बंधन हो तो प्रभु हम खूब आएंगे।।
पकड़ लो बाँह रघुराई नहीं तो डूब जाएंगे।
पकड़ लो बाँह रघुराई नहीं तो डूब जाएंगे।।
नहीं है बुद्धि विद्या बल।
मया में डूबी मन चंचल।।
नहीं है बुद्धि विद्या बल।
मया में डूबी मन चंचल।।
निहारेंगे मेरे अवगुण।
निहारेंगे मेरे अवगुण,तो प्रभु जी उब जाएंगे।।
पकड़ लो बाँह रघुराई नहीं तो डूब जाएंगे।
पकड़ लो बाँह रघुराई नहीं तो डूब जाएंगे।।
प्रतीक्षारत है यह राजन।
शरण ले लो सिया साजन।।
प्रतीक्षारत है यह राजन।
शरण ले लो सिया साजन।।
शिकारी चल जिधर प्रह्लाद।
शिकारी चल जिधर प्रह्लाद जी और ध्रुव जाएंगे।।
पकड़ लो बाँह रघुराई नहीं तो डूब जाएंगे।
पकड़ लो बाँह रघुराई नहीं तो डूब जाएंगे।।

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