श्री सत्यनारायण आरती - Shri Satyanarayana Aarti - Bhajan Lyrics - Anuradha Paudwal & Gulshan Kumar Lyrics
| Singer | Anuradha Paudwal & Gulshan Kumar |
ॐ जय लक्ष्मीरमणा स्वामी जय लक्ष्मीरमणा |
सत्यनारायण स्वामी, सत्यनारायण स्वामी
जन पातक हरणा
ॐ जय लक्ष्मीरमणा
ॐ जय लक्ष्मीरमणा स्वामी जय लक्ष्मीरमणा |
सत्यनारायण स्वामी, सत्यनारायण स्वामी
जन पातक हरणा
ॐ जय लक्ष्मीरमणा
रत्नजडित सिंहासन , अद्भुत छवि राजें |
स्वामी अद्भुत छवि राजें
नारद करत निरतंर, नारद करत निरतंर
घंटा ध्वनी बाजें ॥
ॐ जय लक्ष्मीरमणा
प्रकट भयें कलिकारण ,द्विज को दरस दियो |
स्वामी द्विज को दरस दियो
बूढा ब्राम्हण बनके, बूढा ब्राम्हण बनके
कंचन महल कियों ॥
ॐ जय लक्ष्मीरमणा
दुर्बल भील कठार, जिन पर कृपा करी |
स्वामी जिन पर कृपा करी
च्रंदचूड एक राजा, च्रंदचूड एक राजा
जिनकी विपत्ति हरी ॥
ॐ जय लक्ष्मीरमणा
वैश्य मनोरथ पायों ,श्रद्धा तज दिन्ही |
स्वामी श्रद्धा तज दिन्ही
सो फल भोग्यों प्रभूजी, सो फल भोग्यों प्रभूजी
फेर स्तुति किन्ही ॥
ॐ जय लक्ष्मीरमणा
भाव भक्ति के कारन .छिन छिन रुप धरें |
स्वामी छिन छिन रुप धरें
श्रद्धा धारण किन्ही, श्रद्धा धारण किन्ही
तिनके काज सरें ॥
ॐ जय लक्ष्मीरमणा
ग्वाल बाल संग राजा ,वन में भक्ति करि |
स्वामी वन में भक्ति करि
मनवांचित फल दिन्हो, मनवांचित फल दिन्हो
दीन दयालु हरि ॥
ॐ जय लक्ष्मीरमणा
चढत प्रसाद सवायों ,दली फल मेवा |
स्वामी दली फल मेवा
धूप दीप तुलसी से, धूप दीप तुलसी से
राजी सत्य देवा॥
ॐ जय लक्ष्मीरमणा
सत्यनारायणजी की आरती जो कोई नर गावे |
स्वामी जो कोई नर गावे
ऋद्धि सिद्धी सुख संपत्ति, ऋद्धि सिद्धी सुख संपत्ति
सहज रुप पावे ॥
ॐ जय लक्ष्मीरमणा
ॐ जय लक्ष्मीरमणा स्वामी जय लक्ष्मीरमणा|
सत्यनारायण स्वामी ,जन पातक हरणा
ॐ जय लक्ष्मीरमणा
ॐ जय लक्ष्मीरमणा स्वामी जय लक्ष्मीरमणा|
सत्यनारायण स्वामी ,जन पातक हरणा
ॐ जय लक्ष्मीरमणा
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